UPTET 2026 : Sanskrit (PYQ – 2018) Mock Test – 7

UPTET 2018 संस्कृत पूर्ण टेस्ट (30 प्रश्न)

UPTET 2018 PYQ : संस्कृत टेस्ट

प्रश्न 61 से 90 | पूर्ण 30 प्रश्न व्याख्या सहित

61. ‘ड़’ का उच्चारण स्थान है–
  • (d) मूर्धा
  • (a) कण्ठ
  • (b) तालु
  • (c) नासिका
‘ऋटुरषाणां मूर्धा’ सूत्र के अनुसार ‘ड़’ का उच्चारण स्थान मूर्धा है [1]।
62. ‘चौरभयम्’ पद में प्रयुक्त तत्पुरुष समास किस विभक्ति का है?
  • (c) पञ्चमी
  • (a) तृतीया
  • (b) चतुर्थी
  • (d) द्वितीया
‘चौरभयम्’ का विग्रह ‘चौरात् भयम्’ है, अतः इसमें पञ्चमी तत्पुरुष समास है [3]।
63. ‘पितॄन्’ शब्द में विभक्ति और वचन है–
  • (b) द्वितीया, बहुवचन
  • (a) द्वितीया, एकवचन
  • (c) तृतीया, एकवचन
  • (d) प्रथमा, बहुवचन
पितृ शब्द के द्वितीया विभक्ति बहुवचन का रूप ‘पितॄन्’ होता है [4]।
64. ‘नद्यः’ शब्द में विभक्ति और वचन है–
  • (c) प्रथमा, बहुवचन
  • (a) षष्ठी, बहुवचन
  • (b) प्रथमा, एकवचन
  • (d) षष्ठी, एकवचन
नदी शब्द का प्रथमा विभक्ति बहुवचन रूप ‘नद्यः’ है [5]।
65. ‘षण्णवतिः’ हिन्दी संख्या का बोधक है–
  • (b) छियानवे
  • (a) छाछठ
  • (c) सरसठ
  • (d) छत्तीस
‘षण्णवतिः’ का अर्थ छियानवे (96) है [5]।
66. ‘भवत’ क्रियापद में प्रयुक्त लकार, पुरुष और वचन है–
  • (d) लोट्, मध्यम, बहुवचन
  • (a) लृट्, प्रथमा, एकवचन
  • (b) लोट्, प्रथमा, एकवचन
  • (c) लोट्, प्रथमा, बहुवचन
भू धातु के लोट् लकार के मध्यम पुरुष बहुवचन का रूप ‘भवत’ है [6]।
67. सर्वनाम शब्द नहीं है–
  • (c) अपि
  • (a) यूयम्
  • (b) तौ
  • (d) तस्मै
‘अपि’ (भी) एक अव्यय शब्द है, सर्वनाम नहीं [6]।
68. ‘स्वस्ति’ पद के योग में प्रयोग की जाने वाली विभक्ति है–
  • (a) चतुर्थी
  • (b) द्वितीया
  • (c) पञ्चमी
  • (d) षष्ठी
‘नमः स्वस्ति स्वाहा…’ सूत्र के अनुसार स्वस्ति के साथ चतुर्थी विभक्ति होती है [7]।
69. ‘कादम्बरी’ ग्रन्थ के रचनाकार हैं–
  • (b) बाणभट्ट
  • (a) भवभूति
  • (c) भास
  • (d) श्रीहर्ष
कादम्बरी के रचयिता बाणभट्ट हैं [7]।
70. महाकवि कालिदास द्वारा विरचित नाटक है–
  • (c) मालविकाग्निमित्रम्
  • (a) रघुवंशम्
  • (b) कुमारसम्भवम्
  • (d) मेघदूतम्
मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम् और अभिज्ञानशाकुन्तलम् कालिदास के नाटक हैं [8]।
71. व्यञ्जन सन्धि का उदाहरण है–
  • (c) सज्जनः
  • (a) साधूक्तम्
  • (b) पावकः
  • (d) जलौधः
‘सज्जनः’ (सद् + जनः) श्चुत्व व्यञ्जन सन्धि का उदाहरण है [9]।
72. ‘उत्तमपुरुष’ से सम्बन्धित सर्वनाम शब्द है–
  • (c) वयम्
  • (a) युवाम्
  • (b) सः
  • (d) तस्मिन्
‘वयम्’ (अस्मद्) उत्तम पुरुष का सर्वनाम है [9]।
73. ‘धृ’ धातु में ‘क्तिन्’ प्रत्यय का योग करने पर रूप बनता है–
  • (c) धृतिः
  • (a) धृत्वा
  • (b) धरतिः
  • (d) धति
धृ + क्तिन् = धृतिः। क्तिन् प्रत्यय भाववाचक संज्ञा बनाता है [10]।
74. छन्दोनुगत शिक्षण प्रणाली होती है–
  • (a) पद्य की
  • (b) गद्य की
  • (c) व्याकरण की
  • (d) कथा की
छन्द, रस और अलंकार पद्य (कविता) की विशेषताएँ हैं [11]।
75. शुद्ध वाक्य है–
  • (d) त्वं गृहं गच्छसि
  • (a) सः गृहं गच्छसि
  • (b) त्वं गृहं गच्छति
  • (c) अहं गृहं गच्छति
मध्यम पुरुष कर्ता ‘त्वम्’ के साथ क्रिया ‘गच्छसि’ शुद्ध है [11]।
76. ‘वनेऽपि’ पदे कः सन्धि–
  • (b) पूर्वरूप
  • (a) अयादि
  • (c) पररूप
  • (d) यण्
‘एङः पदान्तादति’ सूत्र से वने + अपि = वनेऽपि (पूर्वरूप सन्धि) है [12]।
77. नीतिमार्र्ग के न परिलङ्घयन्ति–
  • (c) कुलीनाः
  • (a) जनाः
  • (b) सेवकाः
  • (d) बालकाः
सज्जन या कुलीन लोग नीति मार्ग का उल्लंघन नहीं करते हैं [12]।
78. ‘तत्रैव’ में सन्धि है–
  • (c) वृद्धि सन्धि
  • (a) दीर्घ सन्धि
  • (b) गुण सन्धि
  • (d) पूर्वरूप सन्धि
तत्र + एव = तत्रैव (वृद्धि सन्धि) [13]।
79. संस्कृत में अयोगवाह वर्णों की संख्या है–
  • (b) चार
  • (a) पाँच
  • (c) छः
  • (d) तीन
अनुस्वार, विसर्ग, जिह्वामूलीय और उपध्मानीय अयोगवाह कहलाते हैं [13]।
80. ‘अनुरूपम्’ में समास है–
  • (c) अव्ययीभाव
  • (a) द्वन्द्व
  • (b) बहुब्रीहि
  • (d) तत्पुरुष
रूपस्य योग्यम् = अनुरूपम्। प्रथम पद अव्यय होने से अव्ययीभाव समास है [14]।
81. कौन स्वर ह्रस्व नहीं होता है–
  • (d) ओ
  • (a) ऋ
  • (b) उ
  • (c) ऌ
‘ओ’ संयुक्त स्वर है, इसका ह्रस्व रूप नहीं होता [14]।
82. ‘सहयुक्तेऽप्रधाने’ सूत्र किस विभक्ति का बोधक है–
  • (c) तृतीया विभक्ति
  • (a) द्वितीया विभक्ति
  • (b) पञ्चमी विभक्ति
  • (d) चतुर्थी विभक्ति
सह, साकम्, सार्धम् और समम् के साथ तृतीया विभक्ति होती है [15]।
83. ‘बालकावपि’ शब्द का सन्धि–विच्छेद होगा–
  • (a) बालकौ + अपि
  • (b) बालकाः + आवापि
  • (c) बालका + वपि
  • (d) बालकाव + अपि
अयादि सन्धि सूत्र ‘एचोऽयवायावः’ से बालकौ + अपि = बालकावपि [15]।
84. बगुले को संस्कृत में कहते हैं–
  • (b) बकः
  • (a) चटकः
  • (c) कपोतः
  • (d) काकः
बकः का अर्थ बगुला होता है [16]।
85. ‘हरये क्रुध्यति’ में ‘हरये’ में कौन–सा कारक है–
  • (c) सम्प्रदान
  • (a) करण
  • (b) अपादान
  • (d) कर्त्ता
क्रुध् धातु के योग में जिस पर क्रोध किया जाए, वह सम्प्रदान कारक होता है [16]।
86. ‘अस्मद्’ शब्द का षष्ठी, बहुवचन रूप है–
  • (b) नः
  • (a) युष्माकम्
  • (c) मम
  • (d) तव
अस्मद् शब्द के षष्ठी बहुवचन में ‘अस्माकम्’ या ‘नः’ रूप बनता है [17]।
87. ‘रमा’ शब्द का चतुर्थी, एकवचन रूप है–
  • (c) रमायै
  • (a) रमाय
  • (b) रमया
  • (d) रमये
रमा (आकारान्त स्त्रीलिंग) का चतुर्थी एकवचन रूप ‘रमायै’ है [18]।
88. ‘पितृ’ शब्द का सप्तमी, एकवचन रूप है–
  • (b) पितरि
  • (a) पित्रे
  • (c) पिते
  • (d) पित्र्याम्
पितृ (ऋकारान्त पुल्लिंग) का सप्तमी एकवचन रूप ‘पितरि’ है [18]।
89. ‘इक्’ प्रत्याहार के अन्तर्गत वर्ण आते हैं–
  • (c) इ, उ, ऋ, ऌ
  • (a) इ, उ, ऋ, ल
  • (b) अ, इ, उ, ऋ
  • (b) इ , ई , उ, ऋ
इक् प्रत्याहार में इ, उ, ऋ, ऌ वर्ण शामिल हैं [2]।
90. माहेश्वर सूत्रों की संख्या है–
  • (a) चौदह
  • (b) चौबीस
  • (c) बारह
  • (c) दस
महर्षि पाणिनि के अनुसार माहेश्वर सूत्रों की कुल संख्या 14 है [2]।

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