UPTET 2026 : Sanskrit (PYQ -2013) MCQ Mock Test-1 06/03/202606/03/2026 Manoj Singh संस्कृत MCQ टेस्ट संस्कृत (UPTET 2013 PYQ) संख्या 61 से 65 के लिए श्लोक: नीरक्षीरविवेके हंसालस्यं त्वमेव तनुषे चेत् । विश्वस्मिन्नधुन्यान्यः कुलव्रतं पालयिष्यति कः ॥ 61. ‘क्षीर’ शब्द का अर्थ है: (a) जल (b) दूध (c) दही (d) समुद्र 62. इस श्लोक में हंस को किस व्रत के पालन की शिक्षा दी गई है? (a) पतिव्रत (b) कुलव्रत (c) धार्मिकव्रत (d) सत्यव्रत 63. प्रस्तुत श्लोक में कवि ने किसे सम्बोधित किया है? (a) हंस को (b) नीर को (c) क्षीर को (d) इनमें से कोई नहीं 64. हंस के किस गुण का वर्णन किया गया है? (a) श्वेतवर्ण का (b) सुन्दरगति का (c) नीरक्षीरविवेक का (d) मधुरवाणी का 65. हंस को क्या न करने का निर्देश दिया गया है? (a) आलस्य (b) अभिमान (c) क्रोध (d) मोह संख्या 66 से 70 के लिए श्लोक: व्यतिषजति पदार्थानान्तरः कोऽपि हेतु– नँ खलु बहिरुपाधीन्प्रीतयः संश्रयन्ते । विकसति हि पतंगस्योदये पुण्डरीकं द्रवति च हिमरश्मावुद्गते चन्द्रकान्तः ॥ 66. पदार्थों को परस्पर कौन जोड़ता है? (a) धन (b) विद्या (c) कोई अज्ञात आन्तरिक कारण (d) विनम्रता 67. बाह्य साधनों पर कौन निर्भर नहीं होता है? (a) आभूषण (b) प्रेम (c) सम्पन्नता (d) भोजन 68. कमल कब खिलता है? (a) चन्द्रोदय होने पर (b) नक्षत्रों का दर्शन होने पर (c) चन्द्रग्रहण के समय (d) सूर्योदय होने पर 69. इस श्लोक में किस मणि का उल्लेख है? (a) स्फटिकमणि (b) सूर्यकान्तमणि (c) चन्द्रकान्तमणि (d) मरकतमणि 70. चन्द्रकान्त मणि कब पिघलती है? (a) अग्नि के सम्पर्क से (b) चन्द्रोदय होने पर (c) ग्रीष्म ऋतु में (d) सूर्योदय होने पर संख्या 71 से 75 के लिए श्लोक: भवन्ति नम्रास्तरवः फलोद्गमै– नवँम्बुभिर्भूरिविलम्बिनो घनाः । अनुद्धताः सत्पुरुषाः समृद्धिभिः स्वभाव एवैष परोपकारिणाम् ॥ 71. कवि ने वृक्ष, मेघ तथा सत्पुरुष को कहा है: (a) परोपकारी (b) अहंकारी (c) कृपण (d) अतिथि 72. ‘भवन्ति’ में कौन सा लकार है? (a) लङ् लकार (b) लट् लकार (c) लृट् लकार (d) लिङ् लकार 73. वृक्ष कब झुक जाते हैं? (a) पत्तों से युक्त होने पर (b) फल आने पर (c) फूल आने पर (d) सूख जाने पर 74. नये जल से युक्त होने पर कौन अधिक लटक जाता है? (a) पर्वत (b) नदी (c) समुद्र (d) घन (मेघ) 75. समृद्धि के समय कौन अभिमान रहित होता है? (a) राजा (b) सत्पुरुष (c) व्यापारी (d) कृपण प्रश्न संख्या 76 से 80 के लिए गद्यांश: “पाण्डवानां कौरवाणां च युद्धं कुरुक्षेत्रे संवृत्तम्। अष्टादशभिर्दिनैश्च प्रतिफलितं तस्मिन् युद्धे दुर्योधनः रणे पराजितः निहतश्च निजबलवेलेन साकम्। पाण्डवाश्च श्रीकृष्णस्य साहाय्येन विजयशालिनः संवृताः। कालान्तरेण द्रौपदीसहिताः पाण्डवाः अभिमन्युतनयं परीक्षितं हस्तिनापुरराज्ये समभिषिच्य हिमालयं जग्मुः।” 76. युद्ध में पाण्डवों की सहायता किसने की? (a) भीष्म ने (b) द्रोणाचार्य ने (c) धृतराष्ट्र ने (d) कृष्ण ने 77. कालान्तर में द्रौपदी सहित पाण्डव कहाँ गए? (a) वन में (b) राजभवन में (c) हिमालय पर (d) प्रयाग में 78. पाण्डवों तथा कौरवों के मध्य युद्ध हुआ: (a) मालवा में (b) विन्ध्यक्षेत्र में (c) कुरुक्षेत्र में (d) मथुरा में 79. महाभारत का युद्ध कितने दिनों तक चला? (a) अठारह दिन (b) आठ दिन (c) बारह दिन (d) सोलह दिन 80. युद्ध में कौन पराजित हुआ? (a) दुर्योधन (b) अर्जुन (c) कृष्ण (d) युधिष्ठिर प्रश्न संख्या 81 से 85 के लिए गद्यांश: “प्रयागः गङ्गायमुनयोः सङ्गमे स्थितः अस्ति। अत्र ब्रह्मणः प्रकृष्टयागकरणाद् अस्य ‘प्रयागः’ नाम अभवत्। ‘प्रयाग’ नगरं पुराणेषु पवित्रतमं, पुण्यदं मोक्षदञ्च कीर्तितम्। इदं नगरं भारतवर्षस्य प्रमुखनगरेषु वर्त्तते। प्रयागस्य अपरं नाम ‘इलाहाबाद’ इत्यपि वर्त्तते। इदं कथ्यते यद् प्रयागस्य ‘इलाहाबाद’ नाम अकबरनामा सम्राट् स्व- ‘इलाही’ धर्मानुसारेण कृतवान्।” 81. गंगा यमुना का संगम है— (a) कानपुर में (b) प्रयाग में (c) नासिक में (d) हरिद्वार में 82. ‘प्रयाग’ शब्द का अर्थ है— (a) प्रकृष्ट याग (b) प्रकृष्ट पूजा (c) प्रकृष्ट पर्व (d) प्रकृष्ट दान 83. प्रयाग का दूसरा नाम है— (a) देवप्रयाग (b) इलाहाबाद (c) उत्तरकाशी (d) काशी 84. सम्राट अकबर ने किस धर्म का प्रवर्तन किया? (a) पारसी धर्म (b) इलाही धर्म (c) इस्लाम धर्म (d) बौद्ध धर्म 85. प्रस्तुत गद्यांश का समुचित शीर्षक है— (a) देवनदी (b) सम्राट अकबर (c) दीन ए इलाही (d) प्रयाग प्रश्न संख्या 86 से 90 के लिए गद्यांश: “जनतन्त्राभिधाना शासनप्रणाली अस्माकं देशे प्रवर्त्तमानाऽस्ति। राजनयशास्त्रज्ञैः विद्वद्भिः राजतन्त्रं कुलीनतन्त्रं प्रजातन्त्रमिति शासनप्रणाल्यास्त्रयः भेदाः प्रतिपादिताः। राजतन्त्रं राज्ञः शासनम्, कुलीनतन्त्रं-कुलीनानां विशिष्टजनानां शासनम्, जनतन्त्रं जनानां शासनमिति तैराधुनिकैः व्याख्यातम्। जनतन्त्रे राज्ञः स्थानं जनाः गृह्णन्ति। कर्त्तव्यबोध एव जनतन्त्रस्य मूलाधारः।” 86. जनतन्त्र में राजा का स्थान कौन ग्रहण करता है? (a) जनता (b) विद्वान (c) राजा (d) वणिक् 87. जनतन्त्र का मूलाधार क्या है? (a) क्षेत्रीयता की भावना (b) उग्र राष्ट्रीयता की भावना (c) कर्तव्यबोध (d) भाषावाद 88. हमारे देश में कौन सी शासन प्रणाली प्रचलित है? (a) जनतन्त्र (b) राजतन्त्र (c) कुलीनतन्त्र (d) तीनों 89. राजनीतिज्ञों ने शासन प्रणाली के मुख्यतः कितने भेद बताए हैं? (a) चार (b) तीन (c) पाँच (d) दो 90. राजतन्त्र में किसका शासन होता है? (a) प्रजा का (b) विद्वानों का (c) धनिकों का (d) राजा का स्कोर देखें Post Views: 1,580
Nice information